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UPI पर ₹10,000 के पेमेंट में कितना लगेगा GST? 15 अक्टूबर से MDR का जानें पूरा गणित

15 अक्टूबर 2026 से पात्र ₹2,000 से अधिक के P2M UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹10,000 के भुगतान पर ₹40 MDR और उस पर 18% GST ₹7.20 होगा। जानें MDR, GST, ₹300 कैप और ग्राहक पर शुल्क का पूरा गणित।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):
  • 15 अक्टूबर 2026 से पात्र P2M UPI भुगतान पर नया MDR ढांचा लागू होगा।
  • ₹2,000 से अधिक के मानक पात्र भुगतान पर 0.4% MDR होगा।
  • ₹10,000 के भुगतान पर ₹40 MDR और ₹7.20 GST का उदाहरण।
  • ₹75,000 और उससे अधिक के मानक लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 होगी।
  • ग्राहक से अलग MDR शुल्क लेने की व्यवस्था नहीं है।
  • कुछ आवश्यक क्षेत्रों और पूंजी बाजार के लिए अलग MDR दरें निर्धारित हैं।
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आरा न्यूज़वाले ब्यूरो
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UPI भुगतान पर MDR और GST का गणित समझाने वाला डिजिटल भुगतान दृश्य
UPI भुगतान पर MDR और GST का गणित समझाने वाला डिजिटल भुगतान दृश्य
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आरा/भोजपुर, आरा न्यूज़वाले ब्यूरो: UPI से जुड़े शुल्क को लेकर बड़ा बदलाव 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला है। नए ढांचे के तहत पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI भुगतान में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन तक सीमित रहेगा। ग्राहक से अलग से MDR वसूलने की व्यवस्था नहीं होगी।

इस बदलाव के साथ MDR पर 18% GST लागू होने की जानकारी सरकारी अधिकारियों और NPCI के स्पष्टीकरणों के आधार पर सामने आई है। GST पूरी UPI भुगतान राशि पर नहीं, बल्कि लागू MDR यानी भुगतान सेवा शुल्क पर लगाया जाएगा। इसलिए ₹10,000 के पात्र P2M भुगतान में 0.4% MDR ₹40 होगा और उस पर 18% GST ₹7.20 बनेगा। कुल MDR और GST ₹47.20 होगा।

₹10,000 के UPI पेमेंट का पूरा हिसाब

यदि ₹10,000 का भुगतान ऐसे पात्र व्यापारी को किया जाता है जिस पर मानक 0.4% MDR लागू है, तो गणना इस प्रकार होगी:

  • UPI भुगतान: ₹10,000

  • MDR: ₹10,000 × 0.4% = ₹40

  • MDR पर GST: ₹40 × 18% = ₹7.20

  • MDR + GST: ₹47.20

  • उदाहरण के तौर पर व्यापारी का शुद्ध सेटलमेंट: ₹10,000 - ₹47.20 = ₹9,952.80

इस गणना में ग्राहक द्वारा भुगतान की गई मूल राशि ₹10,000 ही रहती है। MDR और उस पर लागू GST व्यापारी-पेमेंट इकोसिस्टम में शुल्क के रूप में लागू होते हैं।

क्या ग्राहक को UPI पर अलग से शुल्क देना होगा?

नए MDR ढांचे के अनुसार ग्राहक से अलग UPI ट्रांजैक्शन शुल्क लेने की व्यवस्था नहीं है। MDR व्यापारी-पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर लागू होगा और ग्राहकों पर इसे अलग शुल्क के रूप में डालने की अनुमति नहीं होगी।

₹2,000 तक के UPI भुगतान पर क्या होगा?

पात्र सामान्य P2M UPI भुगतानों में ₹2,000 तक के लेनदेन पर MDR शून्य रहेगा। वहीं व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI ट्रांसफर इस MDR व्यवस्था के दायरे में नहीं आते। पात्र छोटे व्यापारियों के लिए भी शून्य-MDR व्यवस्था लागू है, जिसकी शर्तें संबंधित श्रेणी और नियमों पर निर्भर करती हैं।

₹75,000 या उससे ज्यादा के भुगतान पर MDR कितना होगा?

मानक पात्र P2M लेनदेन में 0.4% MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन है। ₹75,000 पर 0.4% की गणना ₹300 होती है, इसलिए इससे ऊपर के लेनदेन पर भी मानक MDR ₹300 से अधिक नहीं होगा। ₹300 पर 18% GST लागू होने की स्थिति में GST ₹54 होगा।

  • अधिकतम MDR: ₹300

  • MDR पर 18% GST: ₹54

  • MDR + GST: ₹354

क्या हर व्यापारी पर 0.4% MDR लागू होगा?

नहीं। MDR की दर व्यापारी की श्रेणी और लेनदेन के प्रकार पर निर्भर करेगी। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कुछ अन्य आवश्यक या कम-मार्जिन वाली श्रेणियों के लिए ₹2,000 से ऊपर के पात्र लेनदेन पर ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। पूंजी बाजार से जुड़े पात्र भुगतान के लिए 0.02% MDR और ₹300 की अधिकतम सीमा का प्रावधान है।

GST और Input Tax Credit का क्या असर होगा?

GST-पंजीकृत और पात्र कारोबारी लागू नियमों के तहत MDR पर चुकाए गए GST का Input Tax Credit (ITC) लेने में सक्षम हो सकते हैं। ITC की उपलब्धता कारोबारी की GST स्थिति, आपूर्ति और अन्य लागू शर्तों पर निर्भर करेगी। बिना पात्रता के व्यापारी के लिए इस कर का उपचार अलग हो सकता है।

15 अक्टूबर 2026 से क्या बदलेगा?

नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इसलिए 25 सितंबर 2026 की स्थिति में यह बदलाव अभी भविष्य की लागू होने वाली व्यवस्था है। व्यापारियों को अपने बैंक, अधिग्रहणकर्ता बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से अपनी व्यापारी श्रेणी और लागू शुल्क की पुष्टि करनी चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

  • पात्र P2M UPI भुगतान में ₹2,000 से अधिक पर मानक MDR 0.4% होगा।

  • ₹75,000 और उससे अधिक के लेनदेन पर मानक MDR अधिकतम ₹300 होगा।

  • MDR पर 18% GST लागू होने की जानकारी उपलब्ध है; GST पूरी भुगतान राशि पर नहीं, MDR पर होगा।

  • ₹10,000 के उदाहरण में ₹40 MDR और ₹7.20 GST बनता है।

  • ग्राहक से अलग MDR शुल्क लेने की व्यवस्था नहीं है।

  • कुछ आवश्यक क्षेत्रों और पूंजी बाजार के लिए अलग MDR दरें हैं।

निष्कर्ष: ₹10,000 के पात्र P2M UPI भुगतान में 0.4% MDR लागू होने पर ₹40 शुल्क बनेगा और उस पर 18% GST ₹7.20 होगा। यानी MDR और GST की कुल लागत ₹47.20 होगी। हालांकि वास्तविक शुल्क व्यापारी की श्रेणी, भुगतान के प्रकार और लागू नियमों पर निर्भर करेगा। नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

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