नवरात्र के पहले दिन आरा के मां आरण्य देवी मंदिर में उमड़ी भीड़, देश का इकलौता सिद्ध और शक्तिपीठ मंदिर

शारदीय नवरात्र के पहले दिन आरा के प्रसिद्ध मां आरण्य देवी मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम और अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी यहां पूजा-अर्चना की थी।

आ
आरा न्यूज़ डेस्क
0
व्हाट्सएप
नवरात्र के पहले दिन आरा के प्राचीन मां आरण्य देवी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
नवरात्र के पहले दिन आरा के प्राचीन मां आरण्य देवी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु

शारदीय नवरात्र के पहले दिन बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर स्थित प्रसिद्ध मां आरण्य देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्त कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर में जयकारों और भक्तिमय गीतों के बीच नवरात्र का माहौल बना रहा।

आस्था के इस प्रमुख केंद्र में नवरात्र के अवसर पर विशेष रौनक देखने को मिल रही है। मंदिर की धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के कारण यहां भोजपुर सहित दूसरे क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर को नवरात्र के लिए सजाया गया है और श्रद्धालु माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

भगवान श्रीराम और पांडवों से जुड़ी हैं पौराणिक मान्यताएं

मां आरण्य देवी मंदिर के इतिहास को लेकर कई पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं। मान्यता के अनुसार, महर्षि विश्वामित्र के साथ बक्सर जाते समय भगवान श्रीराम ने यहां माता की पूजा की थी। वहीं, महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांचों पांडवों द्वारा भी माता की आराधना किए जाने की कथा प्रचलित है।

मंदिर के पुजारी के अनुसार, इस धार्मिक स्थल का इतिहास सैकड़ों-हजारों वर्ष पुराना माना जाता है। हालांकि, इन पौराणिक प्रसंगों को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य के बजाय धार्मिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

सिद्धपीठ और शक्तिपीठ से जुड़ी मान्यता

मां आरण्य देवी मंदिर को लेकर यह मान्यता भी प्रचलित है कि यहां सिद्धपीठ और शक्तिपीठ, दोनों परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालुओं की माता के प्रति गहरी आस्था है। भक्त मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचते हैं और पूजा के माध्यम से माता का आशीर्वाद मांगते हैं।

नवरात्र में विशेष सजावट, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर को सजाया गया है। मंदिर के पंडित अनिरुद्ध शुक्ला के अनुसार, यहां देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्र के दौरान पूजा, शृंगार और आरती को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहता है।

आरा और भोजपुर क्षेत्र के लोगों के लिए मां आरण्य देवी मंदिर आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। नवरात्र के पहले दिन उमड़ी भीड़ एक बार फिर इस धार्मिक स्थल के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाती है।

स्रोत: आरा न्यूज़ डेस्क
विषय:#आरा
ख़बर साझा करें:
व्हाट्सएप
इस समाचार पर पाठकों की टिप्पणियां बंद हैं।