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आरा के मीरगंज में दुर्गा पूजा की 7 दशक पुरानी परंपरा, पेट्रोमैक्स की रोशनी में होता था भिखारी ठाकुर के ‘बिदेसिया’ का मंचन

आरा के मीरगंज स्थित रामध्यान सिंह के हाता में दुर्गा पूजा के साथ भोजपुरी लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा भी जुड़ी रही है। करीब सात दशक पहले यहां भिखारी ठाकुर की मंडली के नाटकों का मंचन पेट्रोमैक्स की रोशनी में होता था, जिसे देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से दर्शक पहुंचते थे। आज भी परिवार दुर्गा पूजा की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

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आरा न्यूज़ डेस्क
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आरा के मीरगंज स्थित रामध्यान सिंह के हाता में दुर्गा पूजा और पेट्रोमैक्स की रोशनी में भिखारी ठाकुर के बिदेसिया नाटक की ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपरा
आरा के मीरगंज स्थित रामध्यान सिंह के हाता में दुर्गा पूजा और पेट्रोमैक्स की रोशनी में भिखारी ठाकुर के बिदेसिया नाटक की ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपरा

बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर के मीरगंज स्थित रामध्यान सिंह के हाता में दुर्गा पूजा की परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह भोजपुरी लोकसंस्कृति और रंगमंच की ऐतिहासिक यादों से भी जुड़ी है। करीब सात दशक पहले यहां दुर्गा पूजा के अवसर पर लोक कलाकार और नाटककार भिखारी ठाकुर की मंडली के नाटकों का मंचन किया जाता था। उस दौर में पेट्रोमैक्स की रोशनी में रातभर चलने वाले इन कार्यक्रमों को देखने के लिए आरा सहित भोजपुर के विभिन्न इलाकों से दर्शक पहुंचते थे।

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इस वर्ष भी रामध्यान सिंह के हाता में परिवार की ओर से पूर्व वर्षों की तरह दुर्गा पूजा उत्सव मनाया जा रहा है। पूर्व वार्ड पार्षद अनीता सिंह और माँ आरण्य देवी मंदिर ट्रस्ट सदस्य अशोक सिंह की पुत्री इंजीनियर शिखा सिंह तथा उनके दामाद मार्केटिंग ऑफिसर रौनक सिंह सहित पूरा परिवार पूर्वजों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। पूजा के दौरान अष्टमी पर कीर्तन और नवमी पर कन्या पूजन तथा भव्य भंडारे का आयोजन रखा गया है।

बालेश्वर सिंह के निमंत्रण पर आरा पहुंचे थे भिखारी ठाकुर

स्थानीय परंपरा से जुड़ी जानकारी के अनुसार, मीरगंज स्थित रामध्यान सिंह के हाता में स्थानीय निवासी बालेश्वर सिंह के विशेष निमंत्रण पर भिखारी ठाकुर अपनी मंडली के साथ पहुंचे थे। यहां की व्यवस्था से प्रभावित होकर उन्होंने तीन दिनों तक अपनी कला का प्रदर्शन किया था। उनके नाटकों ने उस समय दर्शकों के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल की।

पेट्रोमैक्स की रोशनी में रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक मंचन

बताया जाता है कि दुर्गा पूजा के दौरान सप्तमी, अष्टमी और नवमी की रात नाटकों का मंचन किया जाता था। कार्यक्रम रात करीब 8 बजे शुरू होकर सुबह 5 बजे तक चलता था। उस समय बिजली और जनरेटर की आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण पेट्रोमैक्स की रोशनी में मंच सजाया जाता था।

नाटक देखने के लिए केवल आरा शहर ही नहीं, बल्कि पीरो, बड़हरा, कोईलवर, जगदीशपुर और बिहिया सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे। यह आयोजन धार्मिक उत्सव के साथ-साथ लोगों के लिए सांस्कृतिक मिलन का अवसर भी बनता था।

भिखारी ठाकुर के नाटक समाज की कुरीतियों पर करते थे प्रहार

भोजपुरी लोकनाट्य के प्रमुख हस्ताक्षर भिखारी ठाकुर ने अपने नाटकों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं और कुरीतियों को मंच पर प्रस्तुत किया। उनके चर्चित नाटकों में ‘बिदेसिया’, ‘बेटी बेचवा’, ‘गबरघिचोर’, ‘विधवा विलाप’ और ‘भाई विरोध’ शामिल हैं। इन रचनाओं में प्रवास, पारिवारिक संबंधों, महिलाओं की स्थिति और सामाजिक विसंगतियों जैसे विषयों को प्रमुखता मिली।

उनके नाटक मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बने। मीरगंज में इन नाटकों का मंचन भोजपुरी लोकसंस्कृति के प्रति लोगों की रुचि और उस दौर के जीवंत सांस्कृतिक वातावरण को दर्शाता है।

भिखारी ठाकुर के निधन के बाद भी जारी रही परंपरा

भिखारी ठाकुर का निधन 10 जुलाई 1971 को हुआ था। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उनके निधन के बाद भी उनकी मंडली से जुड़ी नाट्य परंपरा उनके भतीजे के नेतृत्व में वर्षों तक जारी रही। मीरगंज के पक्के मंच पर इन प्रस्तुतियों ने लोकनाट्य की विरासत को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।

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आज भी पूर्वजों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा परिवार

रामध्यान सिंह के हाता में आज भी दुर्गा पूजा उत्सव परिवार की आस्था और पुरानी परंपरा का प्रतीक है। पूर्व वार्ड पार्षद अनीता सिंह और माँ आरण्य देवी मंदिर ट्रस्ट सदस्य अशोक सिंह की पुत्री इंजीनियर शिखा सिंह तथा उनके दामाद मार्केटिंग ऑफिसर रौनक सिंह सहित पूरा परिवार अपनी अगली पीढ़ी के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

नवरात्र के अवसर पर कीर्तन, कन्या पूजन और भंडारे जैसे आयोजनों के माध्यम से धार्मिक परंपरा को जीवंत रखा जा रहा है। पेट्रोमैक्स की रोशनी में भिखारी ठाकुर के नाटकों की यादें इस आयोजन को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान भी देती हैं। परिवार ने मां दुर्गा की कृपा सभी पर बनी रहने और सबके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

स्रोत: आरा न्यूज़ डेस्क
विषय:#आरा
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